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भारत में ग्रेजुएट बेरोजगारी संकट 2026 — डेटा क्या कहता है

प्रकाशित 8 मई 20265 मिनट पठन
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भारत में ग्रेजुएट बेरोजगारी संकट 2026 — डेटा क्या कहता है

डिग्री है, नौकरी नहीं। यह सिर्फ एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है — यह आंकड़ों में दिखने वाली एक राष्ट्रीय चुनौती है। Azim Premji University की State of Working India 2026 रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला सच सामने रखा है — भारत में 15 से 25 साल के graduates में बेरोजगारी की दर करीब 40% है। इस लेख में हम इस रिपोर्ट के सभी मुख्य आंकड़े, इसके कारण और आप क्या कर सकते हैं — यह सब सरल भाषा में समझाएंगे।

डेटा स्रोत: यह लेख Azim Premji University के Centre for Sustainable Employment द्वारा मार्च 2026 में प्रकाशित State of Working India 2026 रिपोर्ट पर आधारित है।


रिपोर्ट क्या कहती है — मुख्य आंकड़े

Azim Premji University की इस रिपोर्ट में Periodic Labour Force Survey (PLFS) के longitudinal data का विश्लेषण किया गया है। यह सिर्फ एक survey नहीं — 40 साल के employment trends का अध्ययन है।

बेरोजगारी के आंकड़े — age group के अनुसार

  • 15–25 साल के graduates में बेरोजगारी: ~40%

  • 25–29 साल के graduates में बेरोजगारी: ~20%

  • 30 साल के बाद: 4% से कम — लेकिन यह इसलिए नहीं कि अच्छी नौकरी मिल जाती है

इसका मतलब यह है कि graduation के तुरंत बाद के साल सबसे मुश्किल होते हैं। जो लोग 30 के बाद employed दिखते हैं, उनमें से कई unstable या low-wage jobs में हैं।

Numbers में तस्वीर

  • भारत में 15 से 29 साल के युवाओं की संख्या: 36.7 करोड़ — working age population का एक तिहाई

  • 20 से 29 साल के graduate population: 6.3 करोड़

  • इनमें से बेरोजगार: 1.1 करोड़ (2023 के आंकड़े)

सबसे चौंकाने वाला तथ्य

रिपोर्ट के अनुसार जो graduates खुद को unemployed बताते हैं — उनमें से केवल 7% को एक साल के अंदर permanent salaried job मिलती है। बाकी 93% या तो informal काम करते हैं, गिग work करते हैं या searching ही करते रहते हैं।

यह आंकड़ा पिछले 40 सालों से लगभग 35–40% पर अटका हुआ है। Colleges बढ़े, graduates बढ़े — लेकिन employment की तस्वीर नहीं बदली।


सिर्फ बेरोजगारी नहीं — नौकरी की quality भी एक समस्या है

बेरोजगारी के आंकड़े ही पूरी कहानी नहीं बताते। जो नौकरी मिल रही है वह भी concerning है।

  • 50% young male graduates को एक साल में कोई न कोई काम मिल जाता है — लेकिन उसमें से केवल 7% को permanent salaried job

  • बाकी informal work, contract या self-employment में जाते हैं

  • Entry-level male graduate salaries में 2011 के बाद growth slow हो गई है

  • Female graduates की earnings का gap जरूर कम हुआ है — लेकिन absolute terms में अभी भी काफी कम है


IT sector में AI का असर — freshers पर सबसे ज्यादा

Graduate unemployment की समस्या को AI ने और गहरा किया है — खासकर IT sector में।

India के 4 सबसे बड़े IT companies — TCS, Infosys, Wipro, HCL — ने FY2023 से FY2024 के बीच fresh graduate hiring में 70% की कटौती की। जो हर साल 2,25,000 fresh graduates hire करती थीं, वो घटकर 60,000 रह गया।

इसके कारण:

  • AI tools ने coding, data entry और basic software testing जैसे entry-level काम को automate कर दिया

  • कंपनियां अब volume hiring की जगह experienced और AI-skilled professionals को prefer करती हैं

  • TCS और Infosys ने FY2024 में मिलाकर 38,000 employees को हटाया

महत्वपूर्ण: India हर साल 80-90 लाख लोग workforce में add करता है। IT sector अगले कुछ सालों में केवल 50,000 net new jobs per year project कर रहा है।


क्या degree का कोई मतलब नहीं?

रिपोर्ट यह नहीं कहती। Graduate होना अभी भी फायदेमंद है — लेकिन अकेले degree काफी नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार:

  • Graduates, non-graduates की तुलना में entry level पर दोगुनी salary कमाते हैं

  • यह gap career के साथ और बढ़ता है

  • लेकिन यह premium तभी मिलता है जब नौकरी मिले

Mercer-Mettl की India's Graduate Skill Index 2025 रिपोर्ट ने बताया कि भारत के केवल 42.6% graduates ही employable हैं — यानी employers की नजर में बाकी 57% के पास वो skills नहीं जो job के लिए जरूरी हैं।


समस्या कहां है — 3 असली कारण

1. Education और industry के बीच बड़ा gap

Colleges अभी भी वही curriculum पढ़ा रहे हैं जो 10-15 साल पहले relevant था। AI, Data Analytics, Cloud — इन skills की demand है लेकिन colleges में यह नहीं पढ़ाया जाता।

2. Soft skills की कमी

Technical skills के साथ-साथ communication, problem-solving और teamwork जरूरी हैं। ज्यादातर colleges में इनका structured training नहीं होता।

3. Degree के बाद job का इंतजार

बहुत से graduates degree मिलने के बाद ही job searching शुरू करते हैं। जब तक interview ready होते हैं तब तक 6-12 महीने निकल जाते हैं।


आप क्या कर सकते हैं — practical steps

यह रिपोर्ट डरावनी लगती है — लेकिन इसमें एक clear message भी है: degree नहीं, skill मायने रखती है।

  1. Graduation के साथ ही skill सीखना शुरू करें — Data Analytics, Digital Marketing, Web Development, Cloud — कोई एक चुनें और focus करें

  2. Portfolio बनाएं — GitHub, Kaggle, Medium, LinkedIn — कहीं न कहीं अपना काम publish करें

  3. Government free courses use करें — SWAYAM, PMKVY, Skill India Digital Hub पर IIT और NSDC के free certificates लें

  4. Internship जल्दी करें — final year से पहले कम से कम एक internship complete करें

  5. Networking करें — LinkedIn profile बनाएं, industry events attend करें, product communities join करें