महाराष्ट्र के प्रमुख बांध 2026 | नदियां, जिले और MPSC प्रश्न
महाराष्ट्र के 17 प्रमुख बांधों, उनकी नदियों, जिलों, जलाशयों और MPSC प्रश्नों की जानकारी। कोयना, जायकवाड़ी, उजनी और अन्य महत्वपूर्ण बांध पढ़ें।

महाराष्ट्र के 17 प्रमुख बांधों, उनकी नदियों, जिलों, जलाशयों और MPSC प्रश्नों की जानकारी। कोयना, जायकवाड़ी, उजनी और अन्य महत्वपूर्ण बांध पढ़ें।

MPSC या महाराष्ट्र की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भूगोल पढ़ते समय एक सवाल खुद से पूछिए—क्या आपको महाराष्ट्र के प्रमुख बांधों की नदियों और जिलों के नाम याद हैं?
ज्यादातर विद्यार्थियों ने कोयना, जायकवाड़ी और उजनी जैसे बांधों के नाम सुने होंगे। लेकिन जब परीक्षा में उनके जलाशयों के नाम, वैकल्पिक नाम या उनसे जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं पूछी जाती हैं, तो अक्सर भ्रम हो जाता है।
उदाहरण के लिए, कोयना बांध का जलाशय शिवसागर, जायकवाड़ी का नाथसागर, जबकि भंडारदरा बांध का जलाशय आर्थर लेक (Arthur Lake) कहलाता है।
इस लेख में हम महाराष्ट्र के 17 चुनिंदा महत्वपूर्ण बांधों, उनकी नदियों, जिलों, जलाशयों, ऐतिहासिक घटनाओं और परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी तथ्यों को समझेंगे।
बांध का नाम | नदी | जिला |
|---|---|---|
कोयना | कोयना | सतारा |
जायकवाड़ी | गोदावरी | छत्रपति संभाजीनगर |
उजनी | भीमा | सोलापुर |
भंडारदरा (विल्सन) | प्रवरा | अहिल्यानगर |
राधानगरी | भोगावती | कोल्हापुर |
धोम | कृष्णा | सतारा |
खड़कवासला | मुठा | पुणे |
पानशेत (तानाजीसागर) | अंबी | पुणे |
भातसा | भातसा | ठाणे |
गोसीखुर्द (इंदिरासागर) | वैनगंगा | भंडारा |
अपर वर्धा | वर्धा | अमरावती |
इसापुर | पैनगंगा | यवतमाल |
हतनूर | तापी | जलगांव |
गंगापुर | गोदावरी | नासिक |
तोतलाडोह | पेंच | नागपुर |
मुलशी | मुला | पुणे |
वारणा (चांदोली) | वारणा | सांगली |
ध्यान दें: यह अध्ययन के लिए चुने गए 17 प्रमुख बांधों की सूची है। यह महाराष्ट्र के सभी बांधों की संपूर्ण सूची या MPSC द्वारा निर्धारित आधिकारिक प्राथमिकता सूची नहीं है।
कोयना बांध सतारा जिले में कोयनानगर के पास कोयना नदी पर बनाया गया है।
कोयना नदी, कृष्णा नदी की एक सहायक नदी है। दोनों नदियों का संगम कराड में होता है।
कोयना बांध के जलाशय को शिवसागर (Shiv Sagar) कहा जाता है।
इस बांध की विशेषता इसका जलविद्युत परियोजना से जुड़ा होना है। पश्चिमी घाट की भौगोलिक संरचना का उपयोग करते हुए जलाशय के पानी को सुरंगों के माध्यम से पश्चिम दिशा की ओर मोड़ा जाता है, जिससे बिजली का उत्पादन किया जाता है।
MPSC संदर्भ: वर्ष 2018 की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 में कोयना जलविद्युत परियोजना, शिवसागर जलाशय और पश्चिम दिशा में मोड़े जाने वाले पानी से संबंधित प्रश्न शामिल था।
याद रखें: कोयना → कोयना नदी → सतारा → शिवसागर → जलविद्युत उत्पादन।
जायकवाड़ी बांध गोदावरी नदी पर पैठण के पास स्थित है।
इसके जलाशय को नाथसागर (Nath Sagar) कहा जाता है।
मराठवाड़ा क्षेत्र के कई हिस्सों में वर्षा अनियमित होती है। इसलिए सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और कृषि के लिए जायकवाड़ी परियोजना का विशेष महत्व है।
यह परियोजना दर्शाती है कि किसी नदी बेसिन में संग्रहित पानी का उपयोग कृषि और बस्तियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कैसे किया जाता है।
याद रखें: जायकवाड़ी → गोदावरी → पैठण → नाथसागर।
उजनी बांध सोलापुर जिले में भीमा नदी पर बनाया गया है।
यह परियोजना सिंचाई, जल आपूर्ति और भीमा नदी बेसिन के जल प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
भीमा नदी, कृष्णा नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है। इसलिए उजनी बांध पढ़ते समय भीमा और कृष्णा नदी प्रणालियों का संबंध भी याद रखना चाहिए।
याद रखें: उजनी → भीमा → सोलापुर → कृष्णा नदी बेसिन।
भंडारदरा बांध अहिल्यानगर जिले में प्रवरा नदी पर स्थित है।
इस बांध से जुड़े दो नाम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
विल्सन बांध (Wilson Dam): भंडारदरा बांध का दूसरा नाम।
आर्थर लेक (Arthur Lake): भंडारदरा बांध का जलाशय।
परीक्षा में बांध का वैकल्पिक नाम और जलाशय का नाम एक-दूसरे से बदलकर विकल्पों में दिया जा सकता है।
MPSC संदर्भ: वर्ष 2021 की ग्रुप-C प्रारंभिक परीक्षा की उपलब्ध पुनर्प्रकाशित प्रश्नपत्र सामग्री में विल्सन बांध और आर्थर लेक से संबंधित प्रश्न मिलता है।
याद रखें: भंडारदरा → प्रवरा → अहिल्यानगर → विल्सन बांध → आर्थर लेक।
राधानगरी बांध कोल्हापुर जिले में भोगावती नदी पर बनाया गया है।
इस परियोजना का संबंध राजर्षि शाहू महाराज के समय में सिंचाई के विकास के प्रयासों से है।
इस कारण राधानगरी बांध महाराष्ट्र के भूगोल के साथ-साथ इतिहास की दृष्टि से भी उपयोगी है।
भोगावती नदी, कोल्हापुर जिला और राजर्षि शाहू महाराज—इन तीन तथ्यों को एक साथ याद रखना चाहिए।
याद रखें: राधानगरी → भोगावती → कोल्हापुर → राजर्षि शाहू महाराज।
गोसीखुर्द परियोजना को इंदिरासागर (Indirasagar) भी कहा जाता है।
यह बांध भंडारा जिले में वैनगंगा नदी पर स्थित है।
इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य विदर्भ के भंडारा, नागपुर और चंद्रपुर जिलों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना है।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2009 में इस परियोजना को राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना का दर्जा दिया गया था।
याद रखें: गोसीखुर्द → वैनगंगा → भंडारा → विदर्भ में सिंचाई।
ऊपर बताए गए छह बांधों के अलावा महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख बांधों की जानकारी भी उपयोगी है। इन्हें क्षेत्रवार पढ़ने से याद रखना आसान हो जाता है।
खड़कवासला बांध: पुणे जिले में मुठा नदी पर स्थित है। यह पुणे शहर के जल आपूर्ति स्रोतों में से एक है।
पानशेत बांध: अंबी नदी पर स्थित है। इसे तानाजीसागर भी कहा जाता है।
मुलशी बांध: पुणे जिले में मुला नदी पर है और जलविद्युत उत्पादन से संबंधित है।
धोम बांध: सतारा जिले में वाई के पास कृष्णा नदी पर स्थित है।
वारणा या चांदोली बांध: सांगली जिले में वारणा नदी पर स्थित है।
गंगापुर बांध: नासिक जिले में गोदावरी नदी पर है। नासिक शहर की जल आपूर्ति में इसका महत्व है।
हतनूर बांध: जलगांव जिले में तापी नदी पर स्थित है।
अपर वर्धा बांध: अमरावती जिले में वर्धा नदी पर है।
इसापुर बांध: पैनगंगा नदी पर स्थित है और यवतमाल जिले से संबंधित है।
तोतलाडोह बांध: नागपुर जिले में पेंच नदी पर स्थित है।
इसके अतिरिक्त, ठाणे जिले का भातसा बांध मुंबई महानगर क्षेत्र की जल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।
बांध | जलाशय या वैकल्पिक नाम |
|---|---|
कोयना | शिवसागर |
जायकवाड़ी | नाथसागर |
भंडारदरा | आर्थर लेक |
भंडारदरा बांध | विल्सन बांध |
पानशेत | तानाजीसागर |
गोसीखुर्द | इंदिरासागर |
महत्वपूर्ण अंतर: शिवसागर, नाथसागर और आर्थर लेक जलाशयों के नाम हैं। विल्सन बांध और तानाजीसागर संबंधित बांध परियोजनाओं के वैकल्पिक नाम हैं।
महाराष्ट्र की प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल बांध और नदी का नाम ही नहीं पूछा जाता। जलाशयों के नाम, जलविद्युत परियोजनाओं और सही या गलत जोड़ियों से भी प्रश्न बन सकते हैं।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 में कोयना जलविद्युत परियोजना से संबंधित प्रश्न पूछा गया था।
इसमें कोयना नदी, शिवसागर जलाशय और बिजली उत्पादन के लिए पश्चिम दिशा में मोड़े जाने वाले पानी से जुड़ी जानकारी शामिल थी।
इससे स्पष्ट होता है कि केवल बांध का नाम और नदी याद करने के बजाय संबंधित परियोजना की भौगोलिक विशेषताओं को समझना उपयोगी है।
उपलब्ध पुनर्प्रकाशित प्रश्नपत्र में विल्सन बांध और आर्थर लेक के संबंध पर आधारित प्रश्न मिलता है।
इसकी सही जोड़ी है:
भंडारदरा — विल्सन बांध — आर्थर लेक।
सतारा पुलिस कांस्टेबल भर्ती से संबंधित एक प्रश्न में गलत बांध–नदी जोड़ी पहचानने को कहा गया था।
इसमें वीर बांध — माणगंगा गलत जोड़ी थी।
वीर बांध, नीरा नदी से संबंधित है।
ध्यान दें: ऊपर दिए गए परीक्षा संदर्भ उपलब्ध पुनर्प्रकाशित प्रश्नपत्रों और परीक्षा तैयारी वेबसाइटों पर आधारित हैं। मूल आधिकारिक प्रश्नपत्र और अंतिम उत्तर कुंजी से स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
महाराष्ट्र के बांधों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना 12 जुलाई 1961 को पानशेत बांध का टूटना है।
बांध के निर्माण के दौरान हुई इस दुर्घटना के कारण पुणे शहर में भीषण बाढ़ आई और कई क्षेत्रों को भारी नुकसान हुआ।
बाद में पानशेत बांध का पुनर्निर्माण किया गया।
इस घटना से जुड़े तीन तथ्य याद रखें:
पानशेत बांध अंबी नदी पर है।
यह पुणे जिले में स्थित है।
इसका जलाशय तानाजीसागर के नाम से भी जाना जाता है।
पानशेत और खड़कवासला बांध को लेकर भ्रम न रखें। पानशेत अंबी नदी पर है, जबकि खड़कवासला मुठा नदी पर स्थित है।
नीचे दिए गए प्रश्न अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं। इन्हें आधिकारिक पिछले वर्षों के प्रश्न न समझें।
प्रश्न 1. कोयना बांध के जलाशय का नाम क्या है?
A) नाथसागर
B) आर्थर लेक
C) शिवसागर
D) इंदिरासागर
प्रश्न 2. जायकवाड़ी बांध किस नदी पर स्थित है?
A) कृष्णा
B) गोदावरी
C) भीमा
D) तापी
प्रश्न 3. भोगावती नदी पर कौन-सा बांध है?
A) राधानगरी
B) धोम
C) उजनी
D) गंगापुर
प्रश्न 4. तोतलाडोह बांध किस नदी पर स्थित है?
A) वैनगंगा
B) पेंच
C) वर्धा
D) पैनगंगा
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से सही बांध–जलाशय जोड़ी कौन-सी है?
A) कोयना — नाथसागर
B) जायकवाड़ी — शिवसागर
C) भंडारदरा — आर्थर लेक
D) उजनी — आर्थर लेक
प्रश्न 6. पानशेत बांध किस नदी पर है?
A) अंबी
B) मुठा
C) मुला
D) नीरा
उत्तर कुंजी: 1-C, 2-B, 3-A, 4-B, 5-C, 6-A.
कोयना, जायकवाड़ी, उजनी, भंडारदरा, राधानगरी और गोसीखुर्द अध्ययन के लिए उपयोगी बांध हैं। हालांकि MPSC ने बांधों की कोई एक आधिकारिक प्राथमिकता सूची निर्धारित नहीं की है।
कोयना बांध के जलाशय को शिवसागर कहा जाता है।
अहिल्यानगर जिले के भंडारदरा बांध को विल्सन बांध भी कहा जाता है।
पैठण के पास जायकवाड़ी बांध स्थित है। उसके जलाशय का नाम नाथसागर है।
सोलापुर जिले का उजनी बांध भीमा नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण बांध है।
महाराष्ट्र के प्रमुख बांधों का अध्ययन करते समय केवल उनके नाम याद करने के बजाय नदी, जिला, जलाशय और परियोजना का महत्व एक साथ समझना अधिक उपयोगी है।
सबसे पहले बांध + नदी + जिला की जोड़ियां याद करें। इसके बाद जलाशयों के नाम, वैकल्पिक नाम, सिंचाई और बिजली उत्पादन से जुड़ी जानकारी तथा महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं की पुनरावृत्ति करें।
इस तरह तैयारी करने से MPSC और महाराष्ट्र की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सीधे तथ्यात्मक प्रश्नों के साथ-साथ सही–गलत जोड़ियां और कथन आधारित प्रश्न हल करने का अभ्यास भी होगा।
लेखक
Jayesh Gavit
IT इंजीनियर और कंटेंट क्रिएटर, JGblogs
टेक्नोलॉजी और नई चीज़ें बनाने के शौकीन IT इंजीनियर। 2026 में JGblogs की शुरुआत की — ताकि सरकारी योजनाएं, नौकरियां और करियर गाइड हर भारतीय तक उनकी भाषा में, मुफ्त पहुंच सकें।
लेखक के बारे में →लेख